हाँ देखी नहीं अप्सरा मैंने
पर तुझको साड़ी में देखा है
नज़दीकी से तेरी आँखों में
हाँ मैंने अपना चेहरा देखा है
हाँ देखी नहीं अप्सरा मैंने
पर तुझको साड़ी में देखा है
हाँ दर्द भरे घावों में अपने
तुझको मरहम बनते देखा है
राह सजाये तेरी यादों में
इस नीरस जीवन को सींचा है
हाँ देखी नहीं अप्सरा मैंने
पर तुझको साड़ी में देखा है
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